एन. सी. ई. आर. टी. नई दिल्ली द्वारा विकसित की जा रही बालपन की कविता की समीक्षा के लिए उत्तराखंड से डॉ. उमेश चमोला और डॉ. मंजू पाण्डे हुए चयनित

*राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसन्धान एवं प्रशिक्षण परिषद (एन. सी. ई. आर. टी.) नई दिल्ली में जुटेंगे देश भर के साहित्यकार, उत्तराखंड से डॉ. उमेश चमोला और डॉ. मंजू पाण्डे करेंगे शिरकत * उत्तराखंड, देहरादून। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसन्धान एवं प्रशिक्षण परिषद नई दिल्ली छोटे बच्चों के लिए ‘बालपन की कविता’ पुस्तक का निर्माण कर रही है। इसमें खेल गीत, लोरी गीत, बाल पहेली आदि पर आधारित विषय वस्तु को शामिल किया जाएगा। इस पुस्तक की समीक्षा के लिए देश भर के चयनित साहित्यकार 12 अक्टूबर से 14 अक्टूबर 2026 तक एन. सी. ई. आर. टी. नई दिल्ली में जुटेंगे। उत्तराखंड से साहित्यकार डॉ. उमेश चमोला और डॉ मंजू पाण्डे का चयन किया गया है। यह कार्य प्रोफेसर ऊषा शर्मा विभागाध्यक्ष और प्रभारी राष्ट्रीय साक्षरता केंद्र एन. सी. ई. आर. टी. नई दिल्ली के मार्गदर्शन में किया जा रहा है. इस पुस्तक की समीक्षा में उत्तराखंड से राकेश जुगरान, डॉ. गंगा घुघत्याल, के. एस. रावत और डॉ. दिनेश रावत ऑनलाइन माध्यम से योगदान देंगे.

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