अल्मोड़ा जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में दो दिवसीय आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का प्रशिक्षण संपन्न हुआ । प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन सत्र को संबोधित करते हुए डायट प्राचार्य गोपाल सिंह गैड़ा ने कहा कि जादुई पिटारा व ई जादुई पिटारे के माध्यम से नन्हे मुन्ने बालकों में अधिगम प्रक्रिया को सरल व सुगम बनाया जा सकता है । श्री गैड़ा ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का आह्वान किया कि वे अपने आंगनबाड़ी केंद्र को इस प्रकार सुसज्जित करें कि अभिभावक व बच्चे उसकी ओर आकर्षित हो सके। मुख्य संदर्भ दाता के रूप में उपस्थित डायट की पूर्व प्रवक्ता पुष्पा बोरा ने खेल-खेल में विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से बच्चों में क्षमता संवर्धन,संस्कार और चरित्र निर्माण की गतिविधियों के बारे में जानकारी दी ।सरस्वती शिशु मंदिर जीवन धाम की प्रधानाध्यापिका पूनम जोशी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत फाऊंडेशनल स्टेज में बच्चों के विकास में सहायक विभिन्न गतिविधियों व बाल केंद्रित शिक्षण की जानकारी प्रदान की। आईसीडीएस से करूणा टम्टा ने खेल-खेल में जादुई पिटारे के प्रयोग की जानकारी दी। कार्यक्रम की मुख्य समन्वयक डॉक्टर सरिता पांडे ने शिशु वाटिका तथा कबाड़ से जुगाड़ के माध्यम से बच्चों को खेल-खेल में सीखने -सिखाने की जानकारी दी। कार्यक्रम की सह समन्वयक डॉक्टर हेमलता धामी ने चित्र, पुस्तकालय भाषा प्रयोगशाला तथा विभिन्न कुमाउनी लोकगीत व लोक नृत्य के माध्यम से शिशु के शारीरिक – मानसिक व सांस्कृतिक विकास की जानकारी प्रदान की ।इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में विभिन्न विकासखंडों के 93 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों द्वारा प्रतिभाग किया गया । कार्यक्रम का संचालन डॉक्टर सरिता पांडे द्वारा किया गया।
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