कौशलम कार्यक्रम उद्यमशील मानसिकता पर देता है बल :बंदना गर्बयाल

उत्तराखंड, देहरादून. राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 व्यावसायिक शिक्षा के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन पर बल देती है। इसी दिशा में कौशलम कार्यक्रम बच्चों में उद्यमशील मानसिकता के विकास पर बल देता है। यह बात निदेशक अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण बंदना गर्बयाल ने एस. सी. ई. आर. टी. उत्तराखंड द्वारा आयोजित मास्टर ट्रेनर विकास कार्यशाला में व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि बच्चों को कौशलम के अंतर्गत आस -पास की परिस्थितियों का अवलोकन करने का अवसर दिया जाना चाहिए।
डॉ. कृष्णा नन्द बिजलवाण सहायक निदेशक एस. सी. ई. आर. टी. ने कहा कि कौशलम कार्यक्रम बच्चों में नेतृत्व क्षमता का विकास करने की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम समन्वयक सुनील भट्ट ने कौशलम कार्यक्रम के अंतर्गत इक्कीसवीं सदी के कौशलों – साथ कार्य करना (सहकार्यता ), अपनी बात को प्रभावी ढंग से रखना (संप्रेषण ), तर्क पूर्ण चिंतन और समस्या समाधान को दैनिक जीवन के उदाहरणों के माध्यम से समझाया। इस कार्यक्रम में तैयार मास्टर ट्रेनर जनपद स्तर पर कक्षा 10 के कौशलम कार्यक्रम के शिक्षकों को प्रशिक्षण देंगे। प्रशिक्षण में सन्दर्भदाता के रूप में मैकगिल विश्वविद्यालय कनाडा से आसिया और उद्यम लर्निंग फाउंडेशन से अरविन्द बिष्ट, प्रियंका, ममता खत्री, यामिनी, दिवाकर, कुणाल और लक्ष्य योगदान दे रहे हैं। एस. सी. ई. आर. टी उत्तराखंड से डॉ. दिनेश रतूड़ी, शुभ्रा सिंघल, डॉ. मनोज कुमार शुक्ला और गोपाल घुघत्याल सन्दर्भदाता के रूप में कार्य कर रहे हैं। Report by – Dr. Umesh Chamola

विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)

इसे भी पढे ----

वोट जरूर करें

क्या आपको लगता है कि बॉलीवुड ड्रग्स केस में और भी कई बड़े सितारों के नाम सामने आएंगे?

View Results

Loading ... Loading ...

आज का राशिफल देखें