उत्तराखंड, नैनीताल। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), भीमताल, नैनीताल में विश्व साक्षरता दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य साक्षरता के महत्व के प्रति जागरूकता पैदा करना तथा शिक्षा को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँचाने के लिए सामूहिक प्रयासों को प्रोत्साहित करना था ।
कार्यक्रम के अंतर्गत संस्थान के प्रशिक्षुओं द्वारा साक्षरता और शिक्षा के महत्व पर आधारित भाषण, नुक्कड़ नाटक तथा अन्य जागरूकतापरक प्रस्तुतियाँ दी गईं। नुक्कड़ नाटक के माध्यम से अशिक्षा से उत्पन्न सामाजिक चुनौतियों तथा शिक्षा एवं साक्षरता के माध्यम से व्यक्ति, परिवार और समाज के विकास के संदेश को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम के दौरान प्राचार्य द्वारा प्रेषित संदेश का वाचन किया गया। संदेश में साक्षरता को व्यक्ति और समाज के विकास का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए शिक्षा के व्यापक प्रसार तथा प्रत्येक व्यक्ति को साक्षर बनाने की दिशा में सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया गया।
इस अवसर पर डायट प्रवक्ता डॉ. विमल किशोर द्वारा अपने संबोधन में विश्व साक्षरता दिवस की प्रासंगिकता और साक्षरता के व्यापक महत्व पर प्रकाश डाला गया। उन्होंने साक्षरता को व्यक्ति के ज्ञान-विस्तार, सामाजिक जागरूकता और सशक्तीकरण का महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए प्रशिक्षुओं से समाज में शिक्षा एवं साक्षरता के प्रति सकारात्मक वातावरण निर्मित करने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इसी क्रम में डॉ. हेम चन्द्र तिवारी द्वारा भी साक्षरता के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए गए। उन्होंने शिक्षा और साक्षरता के सामाजिक महत्व को रेखांकित करते हुए उपस्थित प्रशिक्षुओं को प्रेरित किया। साथ ही, उन्होंने साक्षरता एवं शिक्षा की भावना को अभिव्यक्त करती हुई एक प्रेरणादायी कविता का पाठ भी किया, जिसे उपस्थित प्रतिभागियों द्वारा सराहा गया।
कार्यक्रम में डायट के समस्त प्रवक्ता और स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे। इस अवसर पर मनोज चौधरी सहित संस्थान के अन्य कार्मिक तथा प्रशिक्षु भी उपस्थित रहे। सभी उपस्थित प्रतिभागियों को साक्षरता के महत्व से अवगत कराया गया तथा समाज में शैक्षिक जागरूकता के प्रसार के लिए प्रेरित किया गया।
प्रशिक्षुओं द्वारा प्रस्तुत भाषण और नुक्कड़ नाटक ने कार्यक्रम को रचनात्मक तथा प्रभावशाली स्वरूप प्रदान किया।
कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि साक्षरता केवल पढ़ने-लिखने की क्षमता नहीं, बल्कि व्यक्ति के सशक्तीकरण तथा जागरूक, सक्षम एवं समतामूलक समाज के निर्माण की आधारशिला है।
|
|
डायट भीमताल में विश्व साक्षरता दिवस आयोजित किया गया
विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)






