*दिल्ली में हुआ उत्तराखंड के शिक्षकों का सम्मान *
दिल्ली। उत्तराखंड लोक-भाषा साहित्य मंच – दिल्ली के संरक्षक विनोद बछेती,अध्यक्ष दिनेश ध्यानी, संयोजक दयाल सिंह नेगी,गिरीश सत्यवली,जगमोहन रावत,रमेश हितैषी, रमेश पर्वतीय, जगमोहन ‘जगमोरा’, राजेन्द्र सिंह, कुन्दन सिंह व सह- संयोजिका रेखा चौहान, वंदना बिष्ट के सहयोग से कुमाऊं मंडल संयोजक उत्तराखंड के दिशानिर्देशन में मातृभाषा कक्षाओं का संचालन विभिन्न केन्द्रों में किया गया था । 09 केन्द्रों में 32 केन्द्र प्रमुखों /मातृभाषा कक्षा शिक्षकों द्वारा अपनी दुदबोलि, मातृभाषा कुमाउनी और गढ़वाली की कक्षाओं के संचालन में अपना स्वैच्छिक सहयोग प्रदान किया गया। इन कक्षाओं में सहयोगी रहे शिक्षकों को कंन्वेशनल सेंटर – नई दिल्ली में पूर्व राज्यपाल- महाराष्ट्र और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी, संरक्षक विनोद बछेती और संयोजक दयाल सिंह नेगी, गिरीश सत्यवली द्वारा “उत्तरखंडी (गढ़वाली, कुमाउनी, जौनसारी) भाषा शिक्षक सम्मान – 2026 से मंच पर उत्तराखंड से उपस्थित 16 शिक्षकों को शॉल ओढ़ाकर और प्रशस्ति पत्र देकर कर सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि कोश्यारी और संरक्षक विनोद बछेती द्वारा उत्तराखंड के शिक्षकों द्वारा मातृभाषा कक्षाओं के सफल संचालन के लिए मंच से सराहना की गई । उत्तराखंड से इस सम्मान समारोह में कुमाउं मंडल संयोजक कृपाल सिंह शीला केन्द्र प्रमुख भूपेन्द्र देव ‘ताऊजी’, जनार्दन चिलकोटी, तुलसी भट्ट, पुष्पा पाटनी व सहयोगी शिक्षकों में सतीश जोशी,ऋतेश कुमार वर्मा, जनार्दन प्रसाद गड़कोटी, सीमा जोशी, तुलसी बिष्ट, ममता बिष्ट, हेमा बिष्ट, गौरव बंसल, नितिन देव, जीवन तिवारी, सरिता मठपाल उपस्थित थे। दिल्ली के केन्द्रों से बच्चों ने मातृभाषा गढ़वाली, कुमाउनी, जौनसारी में अपनी बात रखने के साथ ही मंच पर सुंदर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दर्शकों को आनंद में झूमने पर मजबूर कर दिया।
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दिल्ली में किए गए उत्तराखंड के शिक्षक सम्मानित
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