**DIKSHA समन्वयकों के लिए ई-कंटेंट विकास पर तीन दिवसीय कार्यशाला का समापन**
उत्तराखंड,देहरादून
CIET (Central Institute of Educational Technology)NCERT एवं SCERT उत्तराखंड द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित DIKSHA समन्वयकों के लिए ई-कंटेंट विकास पर तीन दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई थी। आज देहरादून स्थित होटल एन.जे. पोर्टिको में इस कार्यशाला का समापन हुआ। यह कार्यशाला 64वीं मासिक समन्वय बैठक-सह-क्षमता निर्माण कार्यक्रम के रूप में आयोजित की गई।
कार्यशाला का उद्देश्य DIKSHA 2.0 के प्रभावी कार्यान्वयन, ई-कंटेंट विकास, तकनीकी समर्थित पाठ्यक्रम निर्माण, बहुभाषी सामग्री विस्तार तथा राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों की क्षमताओं को सुदृढ़ करना था। देशभर से आए DIKSHA और तकनीकी समन्वयकों ने कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता की।
उद्घाटन सत्र में बंदना गर्ब्याल, निदेशक, अकादमिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण, उत्तराखंड ने स्वागत संबोधन दिया।
डॉ. रेजाउल करीम बरभुइया, CIET–NCERT ने कार्यशाला की रूपरेखा और उद्देश्यों की जानकारी साझा की।
प्रो. इंदु कुमार, CIET–NCERT तथा DIKSHA राष्ट्रीय समन्वयक ने DIKSHA पारितंत्र को सशक्त डिजिटल शिक्षण मंच के रूप में विकसित करने पर बल दिया।
कार्यक्रम को प्रो. अमरेन्द्र पी. बेहेरा, संयुक्त निदेशक, CIET–NCERT तथा हरिकुमार जनकीरामन, निदेशक (डिजिटल शिक्षा), शिक्षा मंत्रालय ने संबोधित करते हुए DIKSHA को छात्र- छात्राओं, शिक्षकों और अभिभावकों के लिए एक समावेशी डिजिटल अधिगम मंच के रूप में और अधिक मजबूत बनाने की आवश्यकता व्यक्त की।
उद्घाटन सत्र का संचालन आई टी विभाग के प्रवक्ता रमेश बडोनी ने किया।
द्वितीय और तृतीय दिवस में DIKSHA 2.0 की AI आधारित विशेषताओं, नामांकन वृद्धि, ई-सामग्री निर्माण, तकनीकी समर्थित पाठ्यक्रमों, राज्य-स्तरीय चुनौतियों, नवाचारों तथा भावी योजनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों तथा राष्ट्रीय बोर्डों द्वारा अपनी-अपनी कार्ययोजनाएँ प्रस्तुत की गईं।
समापन सत्र के प्रारम्भ में अपर निदेशक एस.सी.ई.आर.टी.उत्तराखण्ड पदमेन्द्र सकलानी ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया और धन्यवाद ज्ञापित किया। श्री सकलानी ने डिजिटल सामग्री में मानवीय भावनाओं को सम्मिलित करने पर जोर दिया। प्रतिभागियों ने कार्यशाला के दौरान प्राप्त सीख, अनुभव और सफल कहानियां साझा कीं।
डॉ. रिजुअल करीम राष्ट्रीय तकनीकी समन्वयक दीक्षा नें कार्यक्रम की रूपरेखा और भावी योजना को सबके सम्मुख रखा।
दीक्षा की राष्ट्रीय समन्वयक प्रो. इन्दु कुमार ने सभी राज्य समन्वयकों से गुणवत्तापरक पाठ्य सामग्री निर्माण का आह्वान किया।
इस अवसर पर निदेशक अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण उत्तराखण्ड बन्दना गर्ब्याल ने सभी प्रतिभागियों को निरन्तर बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित किया तथा सुधार की सम्भावनाओं पर कार्य करने का संदेश दिया। इसके पश्चात सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।
अन्त में सहायक निदेशक आई टी विभाग एस.सी.ई.आर.टी.उत्तराखण्ड कैलाश डंगवाल के आयोजकों और प्रतिभागियों को धन्यवाद ज्ञापित करने के साथ ही कार्यशाला का समापन हुआ। 
समापन सत्र का संचालन मनोज किशोर बहुगुणा समन्वयक एन.ई.पी. प्रकोष्ठ एस.सी.ई.आर.टी.उत्तराखण्ड द्वारा किया गया। इस अवसर पर आई टी विभाग SCERT उत्तराखंड से सहायक निदेशक कैलाश डंगवाल, रमेश बडोनी, पुष्पा असवाल, शिवप्रकाश वर्मा, डॉ. रमेश पंत, अतुल कठैत, रजत छिब्बर, विनोद चौहान, हिमानी भट्ट, विनय उनियाल, सौरव जोशी आदि उपस्थित रहे।






