उत्तराखंड, बागेश्वर। ‘कला समेकित अधिगम अवसर एवं चुनौतियां. राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के आलोक में’ विषय पर
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) बागेश्वर दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार शुरू हुआ. भारतीय शिक्षा व्यवस्था और राष्ट्रीय शिक्षा नीति में विभिन्न विषयों को समेकित रूप से विद्यार्थियों तक पहुंचाने के उद्देश्य के अनुरूप कला शिक्षण के द्वारा सरल और बोधगम्य बनाने के नवाचारों पर सेमिनार में शोधकर्ताओं द्वारा विमर्श किया जाएगा।
सेमिनार के मुख्य अतिथि सी सी आर टी नई दिल्ली के पूर्व निदेशक डॉ गिरीश चंद्र जोशी. विशिष्ट अतिथि डॉ एस पी सेमवाल . मुख्य वक्ता गुजरात एस सी ई आर टी से डॉ वैशाली एवं एस सी ई आर टी देहरादून के डॉ संजीव चेतन रहे।
मुख्य अतिथि डॉ जी सी जोशी ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा स्वंय कला है। कला जीवन जीने की शैली है। इस राष्ट्रीय संगोष्ठी में शिक्षा में कला की मुख्य भूमिका पर जो विमर्श किया जा रहा है वह राष्ट्रीय चिंतन का विषय बनेगा.
विशिष्ट अतिथि डॉ सेमवाल ने अपने संबोधन में कहा कि कला मानव की जन्मजात और आवश्यक आवश्कता है। बिना कला की शिक्षा की परिकल्पना सम्भव नहीं है। मुख्य वक्ता के रूप में डॉ वैशाली ने पी पी टी प्रस्तुतीकरण द्वारा कला के विभिन्न पक्षों की जानकारी दी। डॉ संजीव चेतन ने कहा कि शिक्षा की नीति और वर्तमान व्यवस्था में कला शिक्षा हासिये पर जा रही है जो बहुत बड़ी चिंता है।
सेमिनार में विभिन्न राज्यों और जनपदों से 30 से अधिक शोधकर्ताओं द्वारा शोध पत्र प्रस्तुत किए जा रहे हैं. एक सौ से अधिक शिक्षक प्रतिभाग कर रहे हैं. कार्यक्रम के संयोजक डॉ हरीश जोशी और डॉ रुचि पाठक ने सेमिनार के उद्देश्य और रुपरेखा प्रस्तुत की. प्राचार्य चक्षुपति अवस्थी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए डायट बागेश्वर की अकादमिक गतिविधियों का उल्लेख किया. संचालन डॉ राजीव जोशी और अध्यक्षता प्राचार्य डायट द्वारा की गई.
सेमिनार में चार तकनीकी सत्रों शोध पत्र प्रस्तुत किए जा रहे हैं.
शोध पत्रों के विषय..
. कला शिक्षा एक समेकित विषय.
. विज्ञान शिक्षण में कला.
. सामाजिक अध्ययन में कला की उपयोगिता.
. भाषा में कला के कौशल.
. गणित शिक्षण में कला की भूमिका.
. भारतीय नाट्य कला और विषयों का शिक्षण.
. समाज में कला.
सेमिनार में राजस्थान से प्रधानाचार्य डॉ राजेन्द्र कुमार निर्मल, अजय शर्मा, देहरादून से संजीव चेतन दिल्ली से जी सी जोशी, नैनीताल से डॉ डी एन भट्ट, डायट चम्पावत से डा दिनेश खेतवाल, डा कमल गहतोड़ी, भिकियासेंण से कृपाल सिंह शीला, पिथौरागढ से ज्योति जोशी पंकज शाह, कृष्ण अवतार पांडे, मेघा, रघुवंश रावत, प्रियंका प्रीत, रूपा ,डॉ के एन कांडपाल, बलवंत कलाकोटी, लक्ष्मी मेहरा, डॉ अंजू परिहार, दीपिका जोशी सहित डायट संकाय सदस्य और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय संगोष्ठी में जनपद बागेश्वर के माध्यमिक में बोर्ड परीक्षा के चार टॉपर विद्यार्थियों सुमन नेगी, शुभम पांडे, खुशी आर्या और मेघा को सम्मानित भी किया गया।






