उत्तराखंड, नैनीताल। अनुभव और सौदर्य के बोध से सीखना सरल, रोचक और स्थाई होता है। यह बात राजकीय बालिका इण्टर कॉलेज में आयोजित कार्यशाला में बाल विज्ञान खोज -शाला के संस्थापक आशुतोष उपाध्याय ने कहीं।
राजकीय बालिका इण्टर कॉलेज भीमताल में विज्ञान गतिविधि केन्द्र डायट भीमताल के तहत दो दिन की अनुभव आधारित विज्ञान कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें 55 छात्राएँ व 25 B.Ed प्रशिक्षु व D.El.Ed प्रशिक्षु प्रतिभाग कर रहे है ।
कार्यशाला समन्वयक डा० शैलेन्द्र धपोला ने बताया कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य निष्प्रयोज्य सामग्री से विभिन्न विज्ञान मॉडलों का निर्माण करना है, मॉडलो निर्माण के दौरान सीखने की प्रक्रिया सरल व सहज होती है।
कार्यशाला संयोजक डॉ. प्रेम सिंह मावड़ी ने बताया कि दो दिनों में छात्राएँ गत्ते से मानव शरीर व मानव कंकाल के मॉडल का निर्माण करेंगे। इस अवसर पर प्रधानाचार्या सरोज तिवारी ने समस्त आगंतुकों का स्वागत व आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर विद्यालय की शिक्षिकाएँ व D.El.Ed प्रशिक्षु पूजा विश्वकर्मा, विजय बुदलाकोटी, अनुष्का रतूड़ी हिमांशु दरमवाल,लोकेश सुयाल, कैलाश चन्द्र भट्ट, पुष्कर लमगड़िया आदि उपस्थित रहे।






