उत्तराखंड, देहरादून,राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की अनुशंसा को ध्यान में रखते हुए चकराता विकासखण्ड के विद्यालय राजकीय इंटर कॉलेज खरोड़ा में बस्ता रहित दिवस के अंतर्गत निबंध, चार्ट, पोस्टर, नृत्य आदि गतिविधियाँ की गई।
विद्यालय के प्रधानाचार्य गोविन्द सिंह रौथाण ने कहा कि इस दिवस का उद्देश्य बच्चों की प्रतिभाओं को पहचानते हुए उन्हें मंच देना है। प्रतिभाओं का विकास होने से व्यक्तित्व में निखार आता है। डॉ. उमेश चमोला ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में बच्चों की रचनात्मक क्षमताओं के विकास और प्रतिभा के विकास को ध्यान में रखते हुए वर्ष भर में दस बस्ता रहित दिवसों के आयोजन का सुझाव दिया गया है। इस के लिए राज्य शैक्षिक अनुसन्धान एवं प्रशिक्षण परिषद उत्तराखंड द्वारा एक पुस्तिका को भी बनाया गया है। उन्होंने अनेकता में एकता की भावना पर आधारित तेलगू गीत भासलन्नी, वेरइन को हारमोनियम पर गाकर बच्चों से गायन करवाया।
मनीष ने बच्चों को आसन और प्राणायाम के माध्यम से योग संबंधी गतिविधियाँ कराई। सचिन ढोंडी ने मुसाफिर हूँ यारो गीत के माध्यम से बच्चों को जीवन में आगे बढ़ने को प्रेरित किया।
इस अवसर पर मतदान जागरूकता विषय पर बच्चों ने निबंध लिखा। इसका समन्वयन कृपा राम जोशी ने किया। बच्चों ने जौनसारी गीतों पर नृत्य भी प्रस्तुत किया। इस अवसर पर इंदु कार्की, आरती शर्मा,ममता वर्मा, सतपाल चौहान, सतबीर सिंह, प्रेम राणा, राधा डोभाल और शांता शर्मा ने भी विचार व्यक्त किए।
|
|
बस्ता रहित दिवस पर आयोजित हुई रोचक गतिविधियाँ
विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)






