राजकीय इंटर कॉलेज खरोड़ा में अग्नि सुरक्षा सप्ताह के अंतर्गत विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर चकराता वन प्रभाग के कनासर रेंज के वन दरोगा नरेंद्र सिंह भंडारी ने कहा कि जंगल में आग लगने से भूमि की नमी कम हो जाती है जिससे फसल उत्पादन पर बुरा प्रभाव पड़ता है। oplus_0इसके साथ ही वायुमंडल भी प्रदूषित हो जाता है। गोष्ठी का संचालन करते हुए डॉ. उमेश चमोला ने कहा कि हमारी जीवन शैली का पर्यावरण पर सीधा प्रभाव पड़ता है। oplus_0इसलिए कोई भी कार्य करते समय हमें यह सोचना चाहिए कि इस कार्य का पर्यावरण पर क्या प्रभाव पड़ेगा? उन्होंने वन अग्नि के दुष्प्रभावों को दोहों के माध्यम से प्रस्तुत किया। युद्धवीर चौहान ने कहा कि आज ग्लोबल वार्मिंग के कारण गलेशियरों के पिघलने का खतरा बढ़ गया है। ग्लोबल वार्मिंग का एक कारण जंगल में लगाई जाने वाली आग भी है। इस अवसर पर वन बीट अधिकारी चंदन और दैनिक श्रमिक मान सिंह और रोहित के अलावा सतपाल चौहान, सतबीर सिंह, कृपाराम जोशी, मनीष, पमिता जोशी, आरती शर्मा, ममता कुकरेती, प्रेम राणा, राधा डोभाल और शांता शर्मा ने अपने विचार रखे।