उत्तराखंड, देहरादून। * शिक्षा की गुणवत्ता और नवाचार के नए क्षितिज तलाशने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम*राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) की अनुशंसाओं को धरातल पर उतारने और राज्य की शैक्षिक प्रगति को नई गति देने के उद्देश्य से SCERT उत्तराखंड की विशेषज्ञ फैकल्टी टीम द्वारा अपर निदेशक पदमेंद्र सकलानी और सहायक निदेशक के एन बिजलवाण के नेतृत्व में गोवा राज्य की शिक्षा व्यवस्था के मॉडल का विस्तृत एक्सपोज़र विज़िट (Exposure Visit) किया गया। इस भ्रमण कार्यक्रम में डायट प्राचार्य देहरादून और डायट प्राचार्य हरिद्वार के साथ ही साथ उनकी टीम भी उपस्थित रही। न्यूज ओसियन को यह जानकारी देते हुए कार्यक्रम समन्वयक डॉ. अजय कुमार चौरसिया ने बताया कि
इस भ्रमण का मुख्य ध्येय गोवा की शिक्षा प्रणाली में अपनाये गए उत्कृष्ट अभ्यासों (Best Practices) और वहां के आधुनिक शिक्षण तौर-तरीकों को समझना है, ताकि हम अपने राज्य के शैक्षिक ढांचे को और भी सुदृढ़ और भविष्योन्मुख बना सकें।
बकौल डॉ. चौरसिया इस अध्ययन यात्रा के दौरान गोवा के स्कूलों में लागू ‘अनुभव आधारित शिक्षण’ (Experiential Learning ) और उसके क्रियान्वयन का टीम द्वारा गहन अध्ययन किया गया। गोवा ने तकनीक और स्थानीय संस्कृति का समन्वय बेहतरीन तरीके से शिक्षा में किया है। मूवी स्कूल का नवाचारी कॉन्सेप्ट सीखने-सिखाने के लिए एक बेहतरीन नवाचार साबित होगा ।इसी प्रकार व्यावसायिक शिक्षा में भी सुंदर स्थानीय पुट की झलक PPT के माध्यम से देखने को मिली।
SCERT की टीम ने गोवा के शिक्षकों के प्रशिक्षण मॉड्यूल, छात्र मूल्यांकन पद्धति , जन जागरूकता कार्यक्रम, बालबाटिकाओं के विकास का अध्ययन करने पर यह पाया कि गोवा में कक्षा एक से पूर्व कक्षाओं का संचालन विद्यालयी शिक्षा के साथ साथ किया जा रहा है जहाँ विद्यालयी शिक्षा के शिक्षक अध्यापन का कार्य कर रहे हैं ।
गोवा विद्यालयी शिक्षा के अंतर्गत व्यवसायिक शिक्षा को मज़बूत समर्थन देने के लिए कक्षा तीन से दसवीं तक बस्तारहित दिवस का संचालन किया जा रहा है ।
राज्य विद्यालय मानक प्राधिकरण (SSSA) का गठन गोवा राज्य द्वारा कर लिया गया है SQAF (School Quality Assessment Frame work)के लिए NCERT द्वारा जारी माडल को अपनाया गया है । इसमे प्राधिकरण का अध्यक्ष सचिव शिक्षा को बनाया गया और सभी सदस्य विभागीय होंगे ऐसा अवगत कराया गया ।
यहाँ सुपर स्कूल माडल को अपनाकर क्लस्टर स्कूल या काम्प्लेक्स स्कूल की अवधारणा को बड़े ही नियोजित तरीके से क्रियान्वित किया जा रहा है । तालुका शिक्षा व्यवस्था में उस एरिया में जितने भी इंटर कॉलेज आते हैं उन्हें सुपर स्कूल बनाया गया है उनके नीचे जितने हाईस्कूल बनाये गए हैं उन्हें स्कूल काम्प्लेक्स बनाया गया है और एक हाईस्कूल के नीचे जितने प्रारंभिक स्कूल आते हैं उन्हें काम्प्लेक्स स्कूल कहा जाता है जो इसी ऑर्डर में शैक्षिक नवाचारों को क्रियान्वित और रिपोर्टिंग करते हैं इसके बाद जोनल और स्टेट की मॉनिटरिंग यूनिटें रखी गयी है जो इन शैक्षणिक स्तरों पर समन्वय और समर्थन देने का कार्य करती है जिससे आपस में बेहतरीन समन्वय स्थापित होगा ।
अध्ययन दल में कार्यक्रम समन्वयक-डॉ अजय कुमार चौरसिया, डा राकेश गैरोला, शुभ्रा सिंघल , हरेन्द्र अधिकारी, रंजन भट्ट, मनोज बहुगुणा और रविदर्शन तोपाल के साथ ही डाइट के संकाय सदस्य उपस्थित रहे।
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एस. सी. ई. आर. टी. उत्तराखंड द्वारा किया गया गोवा का शैक्षिक भ्रमण
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