उत्तराखंड, नैनीताल।
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान(डायट) भीमताल, नैनीताल द्वारा पांच दिवसीय संगीत कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला के प्रथम
सत्र की शुरुआत मुख्य संदर्भ दाता के रूप में वरिष्ठ रंगकर्मी हरीश चन्द्र पाण्डे व रंगकर्मी बृजमोहन जोशी द्वारा की गई। कार्यशाला के प्रथम सत्र का
शुभारंभ सभी प्रतिभागी शिक्षकों के द्वारा मां सरस्वती की वन्दना (गायन) से किया गया।
इसके बाद रंगकर्मी हरीश चंद्र पांडे के द्वारा रंग मंच तथा लोक नाट्य के विषय में विस्तार से जानकारी दी गई।
बृजमोहन जोशी द्वारा उत्तराखंड के लोक संगीत,लोक गीतों,बाल गीतों, के साथ साथ “गीत नृत्यों ” के विषय में विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यशाला के दूसरे सत्र में हरीश चंद्र पांडे के मार्गदर्शन में अभिनय की बारिकियों को सीखने के बाद प्रतिभागी शिक्षकों के द्वारा अभिनय किया गया।
बृजमोहन जोशी द्वारा बाल
गीतों, हुलेरी गीतों, कुमाऊंनी लोक नृत्य गीत झोड़ा, चांचरी ,छपेली, आदि को गायन के माध्यम से सिखाया गया तथा सभी प्रतिभागियों के द्वारा गायन व नृत्य को सीखने के बाद कुमाऊंनी झोड़ा गीत व झोड़ा नृत्य का सामूहिक रूप से प्रदर्शन किया गया। कार्यशाला में शिक्षिका डिम्पल जोशी ने न्योली गीत तथा बृजमोहन जोशी के साथ उनके द्वारा लिखित व संगीतबद्ध भिटौली गीत भी सुनाया। इसके साथ ही प्रतिभागी शिक्षकों के द्वारा भी कई कुमाऊंनी लोक गीतों का गायन वादन किया गया।
सत्र के समापन पर कार्यक्रम समन्वयक कविता मेहरा तथा सभी प्रतिभागी शिक्षकों द्वारा कार्यशाला के मुख्य संदर्भ दाताओं को सम्मानित किया गया।
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डायट भीमताल द्वारा संगीत कार्यशाला का किया गया आयोजन
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