*परीक्षा पे चर्चा 2026 में उत्तराखंड का परचम
*ग्रामीण पृष्ठभूमि के छात्र रोहन सिंह राणा का वीडियो चयनित, पहली बार दिल्ली जाकर प्रधानमंत्री से करेंगे संवाद
उत्तराखंड, देहरादून/रुद्रप्रयाग।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के परीक्षा पर चर्चा 2026 कार्यक्रम ने इस वर्ष देशभर में नया इतिहास रच दिया है। पिछले वर्ष का गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड भी इस बार टूट गया, जब पूरे देश से 4 करोड़ से अधिक विद्यार्थियों ने अपने प्रश्न राष्ट्रीय पोर्टल पर पंजीकृत कराए।
उत्तराखंड राज्य ने भी इस महाअभियान में ऐतिहासिक सहभागिता दर्ज की है। अब तक के सभी संस्करणों में यह राज्य का 9वां संस्करण रहा, जिसमें 7 लाख 38 हजार विद्यार्थियों, 53 हजार शिक्षकों एवं 14 हजार से अधिक अभिभावकों ने अपने प्रश्न पंजीकृत कराए — जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। इस कार्यक्रम के राज्य समन्वयक सुनील कुमार भट्ट ने न्यूज ओसियन को बताया कि राज्य की
इस उपलब्धि के पीछे निदेशक, अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण, उत्तराखंड बंदना गर्ब्याल, जो परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम की राज्य नोडल अधिकारी भी रहीं, का प्रयास सराहनीय रहा। श्री भट्ट ने बताया कि इस कार्यक्रम को जमीनी स्तर तक पहुंचाने के लिए उनके द्वारा जनपदो से लगातार संवाद किया गया।
भारत सरकार, शिक्षा मंत्रालय के निर्देशों को ध्यान में रखते हुए निर्धारित विषयों पर विद्यार्थियों के विचारों के एक मिनट के वीडियो जिन्होंने परीक्षा पर चर्चा के पोर्टल पर अपने प्रश्न पंजीकृत कराए हैं ,तैयार किए गए। राज्य के सभी जनपदों से प्राप्त वीडियो में से उत्कृष्टता के आधार पर 10 चयनित वीडियो भारत सरकार को भेजे गए।
मूल्यांकन के बाद राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (NCERT) और शिक्षा मंत्रालय द्वारा उत्तराखंड के दूरस्थ जनपद रुद्रप्रयाग, के विकासखंड जखोली के राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, पाला कुराली के कक्षा 9 के छात्र रोहन सिंह राणा का वीडियो चयनित किया गया है।
रोहन एक साधारण एवं गरीब ग्रामीण परिवार से आते हैं। उनके माता-पिता सामान्य कृषि कार्य कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। यह पहला अवसर है जब रोहन दिल्ली गए हैं। वे 20 जनवरी 2026 से 23 जनवरी 2026 तक दिल्ली में रहकर देशभर के विद्यार्थियों के साथ प्रधानमंत्री से सीधे संवाद करेंगे।
इस उपलब्धि से न केवल रोहन के परिवार में बल्कि पूरे गांव और जनपद में खुशी की लहर है। रोहन के माता-पिता ने इस चयन को अपने जीवन का सबसे गर्वपूर्ण क्षण बताया। वहीं जनपद रुद्रप्रयाग के मुख्य शिक्षा अधिकारी परमेंद्र कुमार बिष्ट और विद्यालय के प्रधानाचार्य ने कहा कि यह उपलब्धि ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत है और इससे यह सिद्ध होता है कि प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती।
बकौल श्री भट्ट यह सफलता उत्तराखंड के शिक्षा तंत्र, शिक्षकों के समर्पण और ग्रामीण विद्यार्थियों की असीम संभावनाओं का जीवंत प्रमाण है।






