उत्तराखंड, देहरादून। गतिविधि और प्रयोग के बिना विज्ञान शिक्षण अधूरा है। गतिविधि और प्रयोग के माध्यम से विज्ञान से संबंधित अवधारणाओं को रोचक तरीके से बच्चों को समझाया जा सकता है। यह बात बंदना गर्बयाल निदेशक अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण उत्तराखंड ने एस. सी. ई. आर. टी. उत्तराखंड और भारतीय विज्ञान एवं अनुसन्धान संस्थान पुणे के तत्वावधान में डायट देहरादून में आयोजित तीन दिवसीय IRISE- Inspiring India in Research Innovation and Stem Education प्रशिक्षण में कही। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस प्रशिक्षण से बच्चों की विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ेगी और उनकी उपलब्धि में भी सुधार होगा। आज समापन अवसर पर इस प्रशिक्षण की जिला समन्वयक ऋचा जुयाल ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण वैज्ञानिक दृष्टिकोण के विकास की दृष्टि से भी उपयोगी होते हैं। इससे वैज्ञानिक मूल्यों पर आधारित स्वस्थ समाज का निर्माण होता है। डायट देहरादून के विशेषज्ञ विपिन भट्ट ने कहा कि प्रशिक्षण में की गई गतिविधियाँ खेल -खेल में विज्ञान सिखाती हैं। तीन दिवसीय इस प्रशिक्षण में श्वेता जोशी, चंचल बब्बर, गौतम सिंह पुंडीर और सुधीर कांति ने innovation champion के रूप में गणित और विज्ञान की विभिन्न शाखाओं – भौतिक, रसायन और जीव विज्ञान से संबंधित रोचक गतिविधियाँ कराई।
इन गतिविधियों में भारतीय विज्ञान एवं अनुसन्धान संस्थान पुणे द्वारा उपलब्ध कराये गए विज्ञान किट में मौजूद शिक्षण – अधिगम सामग्री का उपयोग किया गया।
यह किट हर प्रतिभागी को दिया गया जिससे शिक्षक अपने- अपने- अपने विद्यालयों में इसका उपयोग कर सकें। यह करके सीखना को बढ़ावा देगा और रटने की प्रवृत्ति में परिवर्तन करने की दृष्टि से भी उपयोगी होगा।
इस प्रशिक्षण में देहरादून जिले के 60 शिक्षकों ने भाग लिया | Report by – Dr. Umesh Chamola
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गतिविधि और प्रयोग के बिना विज्ञान शिक्षण अधूरा
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