उत्तराखंड, देहरादून। एस. सी. ई. आर. टी. उत्तराखंड और भारतीय विज्ञान एवं अनुसन्धान संस्थान (Indian Institute of Science Education and Research) पुणे के तत्वावधान में IRISE- (Inspiring India in Research Innovation and Stem Education ) विषयक तीन दिवसीय कार्यशाला आज जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान देहरादून में शुरू हुई।
उदघाटन सत्र में प्रदीप कुमार रावत पूर्व अपर निदेशक एस. सी. ई. आर. टी. उत्तराखंड ने कहा कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण का संबंध हर विषय से है। विज्ञान प्रमाण आधारित ज्ञान है जो प्रश्न करने की मांग करता है। उन्होंने कहा – ” मैं जानता हूँ कि मैं नहीं जानता हूँ” कथन पर शिक्षक का विश्वास होना चाहिए।
राकेश जुगरान पूर्व प्राचार्य डायट देहरादून ने कहा कि वर्तमान समय की आवश्यकताओं जैसे बढ़ती जनसंख्या, प्रदूषण, भुखमरी आदि का सामना करने में विज्ञान एक औजार के रूप में कार्य कर सकता है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण का विकास करना हमारा संवैधानिक कर्तव्य भी है। प्राचार्य डायट हेमलता गौड़ ने कहा कि प्रशिक्षण में प्राप्त ज्ञान और कौशल बच्चों तक अवश्य पहुँचना चाहिए। वर्तमान समय की आवश्यकताओं के अनुरूप नवीन ज्ञान से शिक्षकों को अवश्य परिचित होना चाहिए। भारतीय विज्ञान एवं अनुसन्धान संस्थान पुणे की विशेषज्ञ प्रदन्या ने कहा कि प्रशिक्षण का एक उद्देश्य अनुभव आधारित अधिगम को भी बढ़ावा देना है। संस्थान के विशेषज्ञ नितिन तवाने ने आशा व्यक्त की कि इस गतिविधि आधारित प्रशिक्षण से बच्चों की गणित और विज्ञान में रुचि बढ़ेगी। राजकीय शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष राम सिंह चौहान ने सभी का स्वागत करते हुए प्रशिक्षण की सफलता की कामना की। डायट विशेषज्ञ ऋचा जुयाल ने कहा कि शिक्षण में ज्ञान के सृजन के अवसर देने से रटन्त प्रणाली को हतोत्साहित किया जा सकता है।प्रशिक्षण में innovation champion के रूप में श्वेता जोशी, गौतम पुंडीर और सी. बब्बर द्वारा वैज्ञानिक अवधारणाओं को रोचक गतिविधियों से प्रस्तुत किया जा रहा है। गतिविधियों को करने के लिए भारतीय विज्ञान एवं अनुसन्धान संस्थान पुणे द्वारा हर प्रतिभागी को विज्ञान किट दिया गया है। इस किट में विज्ञान से संबंधित शिक्षण – अधिगम सामग्री है। प्रशिक्षण में विज्ञान शिक्षण में कहानी, हैंड्स ऑन, समूह चिंतन और साझा करना, खोजबीन, पहेली आदि पर आधारित गतिविधियाँ कराई जा रही हैं। -Report by – Dr. Umesh Chamola
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मैं जानता हूँ कि मैं नहीं जानता हूँ पर शिक्षक का विश्वास होना चाहिए -प्रदीप रावत
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