अल्मोड़ा , जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान अल्मोड़ा में प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा(E.C.C.E.) के अंतर्गत एस.सी.ई.आर.टी. उत्तराखंड के तत्वावधान में आयोजित पांच दिवसीय खेल खिलौना अधिगम सामग्री निर्माण एवं राजकीय प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों के आधारभूत प्रशिक्षण कार्यशाला के तीसरे दिवस में कुमाऊं मंडल के अपर निदेशक अम्बादत्त बलोदी ने प्रतिभागी शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में तकनीकी ज्ञान का उपयोग गुणवत्ता संवर्धन के लिए आवश्यक है। श्री बलौदी ने कार्यशाला में भाग लेने वाले शिक्षकों के कार्यों एवं उनके द्वारा प्रस्तुत की गई बाल उपयोगी सामग्री की सराहना की। 
डायट प्राचार्य गोपाल सिंह गैड़ा ने संस्थान में संचालित खेल खिलौना अधिगम सामग्री के महत्व व उसकी उपयोगिता के बारे में जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि खेल खिलौने के माध्यम से नन्हे मुन्ने बच्चों के लिए अधिगम प्रक्रिया को प्रभावी रूप से क्रियान्वित किया जा सकता है ।
खेल खिलौना अधिगम सामग्री निर्माण कार्यशाला में राज्य स्तर से डॉक्टर गंगा घुगत्याल ने आंगनबाड़ी में बाल वाटिका से संबंधित जादुई पिटारा एवं कार्यशाला से संबंधित विस्तृत कार्य योजना के बारे में जानकारी प्रदान की ।कार्यशाला के समन्वयक एवं डाइट में ई.सी.सी.ई. प्रकोष्ठ के प्रभारी रमेश सिंह रावत ने तीन से आठ आयु वर्ग के बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु खेल खिलौने कविताओं ,कहानियों एवं पहेलियां आदि अधिगम सामग्री निर्माण के बारे में बताया। डायट के नियोजन विभाग के प्रवक्ता डॉक्टर हेम जोशी ने जिले में बुनियादी आधारभूत शिक्षा के अंतर्गत निपुण भारत मिशन के बारे में विस्तार से बताया। राजकीय प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को प्रशासनिक कार्यालय एवं वित्तीय कार्यों के निष्पादन के लिए कार्यशाला की आवश्यकता एवं महत्व के बारे में डॉ बी सी पांडे द्वारा जानकारी दी गई। कार्यशाला में डॉक्टर दीपक मेहता ,कविता मेहरा , दिनेश चंद्र तिवारी के द्वारा पहेलियां, कविताओं, लोकोक्तियां इत्यादि के माध्यम से सीखने की प्रक्रिया को सरल बनाने संबंधी जानकारी दी गई ।इस अवसर पर श्री महेंद्र सिंह भंडारी, श्री हरिबंस बिष्ट, डा हरिश्चंद्र जोशी, भुवनेश्वरी चंद्रानी, डॉ अजंता बिष्ट, डाक्टर हेमलता धामी, कृपाल सिंह शीला, डॉक्टर पवनेश ठकुराठी, डॉक्टर प्रेम गढ़कोटी, डॉ सरिता पांडे, संजय कुमार ,डॉ ललित आर्य, दिनेश चंद पांडे ,दिनेश तिवारी, डॉ दीपक मेहता ने भी विचार व्यक्त किए।कार्यशाला का संचालन डॉक्टर हेम जोशी ने किया।
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वर्तमान समय में तकनीकी ज्ञान का उपयोग गुणवत्ता संवर्धन के लिए आवश्यक :बलोदी
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