एस. सी. ई. आर. टी. उत्तराखंड के तत्वावधान में उच्च प्राथमिक स्तर पर (कक्षा 6 से 8 तक) विद्यार्थियों के लिए पूरक पठन सामग्री विकास कार्यशाला का आज राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण सभागार में समापन हो गया।
कार्यशाला के समापन सत्र को संबोधित करते हुए *अपर निदेशक एस. सी. ई. आर. टी. उत्तराखंड डॉ. मुकुल कुमार सती* ने आशा व्यक्त की कि इस कार्यशाला में तैयार पठन सामग्री कक्षा 6 से 8 के बच्चों के मानसिक स्तर के अनुरूप होगी। इस सामग्री के अध्ययन से विद्यार्थियों में पठन कौशल का विकास होगा। इस सामग्री में उत्तराखंड का शैक्षिक परिवेश और लोक साहित्य का भी समावेश होगा।
संदर्भदाता के रूप में *डॉ. दिनेश रतूड़ी* ने इस अवसर पर कहा कि कार्यशाला में तैयार पठन सामग्री राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा 2023 में दिए गए दिशा निर्देशों पर आधारित है। कार्यशाला में प्रतिभागियों द्वारा कविता, कहानी, पत्र पत्रिका, रस, छंद, अलंकार, सूचना संप्रेषण तकनीक पर रोचक और बाल मनोविज्ञान आधारित सामग्री तैयार की गई।
लेखक मंडल में इस कार्यशाला में रेनू, डा. कपिलदेव सेमवाल, डॉ. हेम चंद्र तिवारी, डॉ. उमेश चमोला, जगदीश ग्रामीण, मनोरथ पोखरियाल, टीकाराम रावत, गोपाल प्रकाश मिश्रा, डॉ. अवनीश कुमार शर्मा, डॉ. आलोक प्रभा पांडे, कनकलता सेमवाल, मंजू भट्ट, संदीप रावत ने लेखक के रूप में कार्य किया।
*कार्यशाला के समन्वयक के रूप में डॉ. शक्ति प्रसाद सेमल्टी ने कार्य किया।*
इस अवसर पर डॉ. के एन बिजल्वाण, विजय सेमवाल डॉ. सुनील भट्ट भी मौजूद रहे।
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6 से 8 तक के बच्चों के लिए तैयार की जा रही है पूरक पठन सामग्री
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